Wednesday, 10 June 2020

यूपी: गर्भवती महिला को 8 अस्पतालों से भर्ती करने से किया इंकार, हुई मौत

यूपी: गर्भवती महिला को 8 अस्पतालों से भर्ती करने से किया इंकार, हुई मौत
कोरोना संकट के बीच अस्पतालों का शर्मनाक रवैया सामने आ रहा है। यूपी के नोएडा में इलाज के अभाव में एक 8 महीने की एक गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौ’त हो गई। दरअसल, गर्भवती महिला का परिवार उसे लेकर 13 घंटे तक अस्पतालों के चक्कर काटता रहा लेकिन एक भी अस्पताल में उसे प्रसव के लिए जगह नहीं मिल सकी और अंतत: एंबुलेंस में ही उसकी मौ’त हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, महिला गाजियाबाद के खोड़ा इलाके की निवासी थी और अब उसके परिवार में पति और एक पांच साल का बेटा बचा है। महिला के भाई शैलेन्द्र सिंह ने संडे एक्सप्रेस के साथ बातचीत में बताया कि वह अपनी बहन को लेकर जीजा के साथ शहर के कम से कम 6 अस्पतालों में गए थे। इसके बाद दो अस्पतालों में एंबुलेंस से ले जाया गया। आरोप है कि अधिकतर अस्पतालों ने बोल दिया कि उनके पास मरीज को भर्ती करने के लिए बेड नहीं है।
परिजनों का आरोप है कि जिन अस्पतालों से गर्भवती महिला को भर्ती करने से मना किया गया, उनमें शारदा अस्पताल भी शामिल है। जब अस्पताल प्रशासन से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मरीज को थोड़ी देर के लिए भर्ती किया गया था और इस दौरान उसे वेंटीलेंटर पर रखा गया और फिर दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया था। इसके बाद महिला को फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल ने बताया कि गंभीर हालत के चलते महिला को कार्डिएक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस में दूसरे अस्पताल रेफर किया गया था।
इस मामले को लेकर फिलहाल जांच के आदेश दिए गए हैं। गौतम बौद्ध नगर जिला प्रशासन ने मामले की जांच का आदेश दिया। जिला सूचना अधिकारी राकेश चौहान ने बताया कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सुहास एल वाई ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मुनींद्र नाथ उपाध्याय तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ दीपक ओहरी को इसकी जांच सौंपी है। जिलाधिकारी ने दोनों अधिकारियों को इस प्रकरण में तत्काल जांच करते हुए कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
बता दें कि इससे पहले मुंबई के नजदीक ठाणे के मुंब्रा इलाके में भी एक गर्भवती महिला महक खान ने अस्पतालो की और से इलाज से इंकार कर देने के बाद ऑटो रिक्शा में दम तोड़ दिया था। वहीं एक अन्य मामले में मुंब्रा की रहने वाली 26 साल की आसमां मेहंदी को लेबर पेन होने लगा। आसमां को उचित इलाज़ के लिए इलाके के तीन अस्पतालों के चक्कर लगाए पर तीनों ने भर्ती करने से मना कर दिया। अस्पतालों के चक्कर लगाते लगाते आसमां ने दम तोड़ दिया।