Tuesday, 9 June 2020

केरल में नई बात नहीं हैं बारूदी अनानास, इस मजबूरी में लोग करते हैं ये जालिम काम !

नई दिल्ली। केरल (Kerala) में बीते दिनों एक हथिनी (Female Elephant) की हत्या कर दी गई। मरने वाली हथिनी प्रगनेनेट थी। वे जल्द ही मां बनने वाली थी। इस हथिनी को कुछ लोगों ने पटाखों (Crackers) से भरा अनानास (Pineapple) खिला दिया था। जो उसके मुंह में ही फट गया। वह तीन दिन तक तड़पने के बाद वे और उसका बच्चा दोनों मर गए।
गर्भवती हथिनी (Pregnant Elephant) की मौत से पूरे देश में रोष का माहौल है। लोग दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर कर रहे हैं तो कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि यह हथिनी या किसी भी हाथी को मारने के लिए किया गया प्रयास नहीं था। लोग इसे एक अनचाहा हादसा बता रहे हैं।
लोगों के ऐसा कहने की वजह भी वाजिब है।क्योंकि केरल (Kerala) में जानवरों को मारने का एक तरीका है। यहां के लोग अनानास (cracker in pineapple) या मीट में हल्के विस्फोटक पैक करके जानवरों को खिलाते है ताकी उनके खेत की फसल सुरक्षित रहे। इसे मलयालम में ‘पन्नी पड़कम’ कहा जाता है जिसका मतलब है ”पिग क्रैकर”।
बता दें केरल में PIG फसल को बर्बाद कर देते हैं। इन्हें रोकने के लिए स्थानीय लोग अनानास या मीट में हल्के विस्फोटक भर कर इसका इस्तेमाल जानवरों को खेतो में आने से रोकने के लिए करते हैं। जिससे आए दिन किसी ना किसी जानवर की मौत होती है।
ऐसी नहीं है कि मात्र केरल में ही विस्फोटक के जरिए जानवरों के मारा जाता है। कई अन्य राज्यों में भी लोग जानवरों के खेतों से दूर रखने के लिए ऐसा करते हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि विस्फोटक और अलग अलग तरह के जाल का उपयोग पूरे भारत में किया जाता है।
कहीं-कहीं तो जानवरों को खेतों में आने से रोकने के लिए बिजली के तारों का उपयोग भी होता है। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत जानवरों को मारना पर अपराध है, लेकिन किसान अपना फसल बचाने के लिए इन्हें मार देते हैं और मारने के लिए यही तरीका अपनाते हैं।