Wednesday, 10 June 2020

बंद होने की कगार पर पहुंची पारले जी बिस्कुट कंपनी की लॉकडाउन में हुई बल्ले बल्ले, बिक्री ने तोडा 82 साल का रिकॉर्ड

बंद होने की कगार पर पहुंची पारले जी बिस्कुट कंपनी की लॉकडाउन में हुई बल्ले बल्ले, बिक्री ने तोडा 82 साल का रिकॉर्ड
कोरोना वायरस और लॉकडाउन से जहां ज्यादातर कारोबारी और फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। वहीं बस्कुट की सबसे पुरानी (Parle G) फैक्ट्री पारले जी पहले से बंद होने की कगार पर पहुंच चुकी थी, लेकिन लॉकडाउन की वजह से ही यह कंपनी अब तेजी से ग्रोथ कर गई। इसकी वजह लॉकडाउन के बीच पारलेजी की बिक्री का 82 साल का रिकॉर्ड तोडना है। कंपनी का दावा है कि फैक्ट्री खुलने से लेकर आज तक उनकी इतनी सेल नहीं हुई। जितनी उनकी लॉकडाउन के बीच हुई है। इसकी वजह लोगों द्वारा सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलने वाले प्रवासियों को पारले-जी बिस्कुट पैकेट का बांटना है। इसके साथ ही लोगों ने इन्हें खूब खरीदकर खाया है।
दो महीनों में कंपनी की बिक्री के टूटे 82 साल के रिकॉर्ड
आजादी से पुराने समय से देश में चल रही बिस्कुट कंपनी (Biscuit Comoany Parle G) पारले जी उस समय का सबसे पसंदीदा ब्रांड रहा है। बिस्कुट कंपनी की पिछले कुछ समय से सेल घटने की वजह से बंद होने की कगार पर पहुंच गई थी। इसबीच ही मार्च माह में लगे लॉकडाउन से कंपनी की बिक्री इतनी तेजी से बढी की। पारलेजी बिस्कुट की बिक्री ने 82 साल के रिकॉर्ड तोड दिये। यह दावा खुद कंपनी ने किया है। हालांकि, पारले जी ने कितने पैकेट या लॉट बिक्री हुए इसकी जानकारी तो नहीं दी। लेकिन कहा कि लॉकडाउन के बीच तीन माह मार्च, अप्रैल और मई पिछले 8 दशकों में कंपनी का सबसे अच्छा समय रहा है। वहीं पारले के कैटेगरी हेड मयंक शाह ने कहा कि कंपनी का कुल मार्केट शेयर करीब 5 प्रतिशत बढ़ा है। इस ग्रोथ की वजह 80 से 90 प्रतिशत तक पारले जी की बिक्री रही है।
लॉकडाउन के बीच ही शुरू कर दिया था उत्पाद
जानकारों की मानें तो पारले जी बिस्कुट बनाने वाली कंपनी ने लॉकडाउन के कुछ ही समय बाद अपना काम शुरू कर दिया था। इस दौरान कर्मचारियों को रोकने और उन्हें कोरोना से बचाने के लिए कंपनी ने पहले ही आने से लेकर घर पहुंचाने की पूरी व्यवस्था की थी। जिससे वह आसानी से अपने घरों से सुरक्षित तरीके से काम पर आ जा सकें। वहीं इस दौरान कंपनी ने अपने उन प्रॉडक्ट्स पर ज्यादा ध्यान दिया। जिसकी सेल इन दिनों तेजी से बढी थी।
इन बिस्कुट कंपनियों ने भी की जमकर कमाई
वहीं लॉकडाउन के बीच पारले के अलावा दूसरी बिस्कुट कंपनियां भी मुनाफे में रही हैं। इनमें ब्रिटानिया का गुड डे, टाइगर, मिल्क बिकिस, बार्बर्न और मैरी बिस्कुट के अलावा पारले का क्रैकजैक, मोनैको, हाइड एंड सीक जैसे बिस्कुट की भी जमकर बिक्री हुई।